Correct Answer:
Option A - हिमनद के अग्रभार पर हिम के पिघलने के कारण कुछ मलवा के निक्षेप ढेर के रूप में या टीले के रूप में हो जाता है, इस तरह के टीलों को डेल्टा केम कहा जाता है। केम के किनारे तीव्र ढाल वाले होते हैं। केम की रचना रेत तथा बजरी द्वारा होती है।
• हिमनद के निक्षेपजनित स्थलाकृति– हिमोढ़, ड्रमलिन, एस्कर, केम, केटिल या हमक, हिमनद अपक्षेप आदि।
• हिमनद के अपरदनात्मक स्थलरूप– U आकार की घाटी, लकटती घाटी, सर्क या हिमगह्वर, टार्न, अरेत या तीक्ष्ण कटक, हार्न या गिरिशृंग, नुनाटक, शृंग पुच्छ, भेड पीठ शैल या रॉश मुटाने, हिमसोपान, पैटरनॉस्टर झील तथा फियोर्ड आदि।
A. हिमनद के अग्रभार पर हिम के पिघलने के कारण कुछ मलवा के निक्षेप ढेर के रूप में या टीले के रूप में हो जाता है, इस तरह के टीलों को डेल्टा केम कहा जाता है। केम के किनारे तीव्र ढाल वाले होते हैं। केम की रचना रेत तथा बजरी द्वारा होती है।
• हिमनद के निक्षेपजनित स्थलाकृति– हिमोढ़, ड्रमलिन, एस्कर, केम, केटिल या हमक, हिमनद अपक्षेप आदि।
• हिमनद के अपरदनात्मक स्थलरूप– U आकार की घाटी, लकटती घाटी, सर्क या हिमगह्वर, टार्न, अरेत या तीक्ष्ण कटक, हार्न या गिरिशृंग, नुनाटक, शृंग पुच्छ, भेड पीठ शैल या रॉश मुटाने, हिमसोपान, पैटरनॉस्टर झील तथा फियोर्ड आदि।