Correct Answer:
Option A - जब कोई स्लैब स्तम्भों पर सीधे बिना धरनों की सहायता से टिका दी जाती है तो उसे फ्लैट या चपटी स्लैब कहते हैं। फ्लैट स्लैब की मोटाई 125 mm से कम नहीं होनी चाहिए। स्तम्भों पर स्लैब के पैनल की मोटाई कुछ अधिक रखी जाती है, इसे ही ड्रॉप पैनल कहते हैं। ड्राप पैनल चपटी स्लैब की कर्तन सामर्थ्य तथा ऋणात्मक आघूर्ण बढ़ाता है तथा विक्षेप को कम करता है।
A. जब कोई स्लैब स्तम्भों पर सीधे बिना धरनों की सहायता से टिका दी जाती है तो उसे फ्लैट या चपटी स्लैब कहते हैं। फ्लैट स्लैब की मोटाई 125 mm से कम नहीं होनी चाहिए। स्तम्भों पर स्लैब के पैनल की मोटाई कुछ अधिक रखी जाती है, इसे ही ड्रॉप पैनल कहते हैं। ड्राप पैनल चपटी स्लैब की कर्तन सामर्थ्य तथा ऋणात्मक आघूर्ण बढ़ाता है तथा विक्षेप को कम करता है।