Correct Answer:
Option D - पंद्रहवीं शताब्दी के दौरान सभी यूरोपीय कंपनियाँ एक जैसी वस्तु खरीदने में रुचि ज्यादा रखते थे, क्योंकि वे वस्तुएं भारत में सस्ती और अच्छी गुणवत्ता वाली होती थी। इन वस्तुओं को ले जाकर यूरोपीय कंपनियाँ अधिक मुनाफा कमाती थी तथा यहाँ से प्राप्त कच्चे माल को एक नया उत्पाद बनाकर भारत जैसे बड़े बाजार में बेचती थी, जिससे उनको अधिक लाभ प्राप्त होता था। यह वस्तुएँ थी- कपास, रेशम, काली मिर्च, लौंग, इलायची, दालचीनी आदि।
D. पंद्रहवीं शताब्दी के दौरान सभी यूरोपीय कंपनियाँ एक जैसी वस्तु खरीदने में रुचि ज्यादा रखते थे, क्योंकि वे वस्तुएं भारत में सस्ती और अच्छी गुणवत्ता वाली होती थी। इन वस्तुओं को ले जाकर यूरोपीय कंपनियाँ अधिक मुनाफा कमाती थी तथा यहाँ से प्राप्त कच्चे माल को एक नया उत्पाद बनाकर भारत जैसे बड़े बाजार में बेचती थी, जिससे उनको अधिक लाभ प्राप्त होता था। यह वस्तुएँ थी- कपास, रेशम, काली मिर्च, लौंग, इलायची, दालचीनी आदि।