श्रीहर्ष का ग्रंथ है –
एक पासे की तीन अलग-अलग स्थितियां दर्शाईं गई हैं। उस अक्षर का चयन कीजिए जो F दर्शाने वाले फलक के विपरीत फलक पर होगा।
Consider following for bending stress induced in a beam : धरन में उत्पन्न बंकन प्रतिबल के लिए निम्नलिखित पर विचार कीजिए– (i) Directly proportional to modulus of elasticity/प्रत्यास्थता मापांक के सीधे समानुपाती (ii) Inversely proportional to curvature/वक्रता के व्युत्क्रमानुपाती (iii) Inversely proportional to radius of curvature /वक्रता त्रिज्या के व्युत्क्रमानुपाती Which one of the following is correct answer? निम्न में से कौन सा एक उत्तर सही है?
With which of the following sports is the term 'double fault' associated?/निम्न खेलों में से किसके साथ शब्द ‘डबल फॉल्ट’ का संबंध है–
धुँआयुक्त नीला एग्जॉस्ट निम्न से होता है- ।
निर्देश (256-264): निम्नलिखित गद्यांशों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। ब्रह्मपुत्र हिमालय के उस पार का सारा पानी लेकर असम से होती हुई पश्चिम की ओर आती है और गंगा इस ओर से पूर्व की ओर बढ़ती है। उनकी आमने-सामने भेंट कैसे हो? कौन किसके सामने पहले झुके? कौन किसे पहले रास्ता दे? अंत में दोनों ने तय किया कि दोनों को दाक्षिण्य धारण कर सरित्पति के दर्शन के लिए जाना चाहिए और भक्ति-नम्र होकर जाते-जाते जहाँ संभव हो, रास्ते में एक-दूसरे से मिल लेना चाहिए। इस प्रकार गोआलंदी के पास जब गंगा और ब्रह्मपुत्र का विशाल जल आकर मिलता है, तब मन में संदेह पैदा होता है कि सागर और क्या होता होगा? विजय प्राप्त करने के बाद कसी हुई खड़ी सेना भी जिस प्रकार अव्यवस्थित हो जाती है और विजयी वीर मन में आए वैसे जहाँ-तहाँ घूमते हैं उसी प्रकार का हाल इसके बाद इन दाक महान नदियों का होता है। अनेक मुखों द्वारा वे सागर में जाकर मिलती हैं। प्रत्येक प्रवाह का नाम अलग-अलग है और कुछ प्रवाहों के तो एक से अधिक नाम हैं। गंगा और ब्रह्मपुत्र एक होकर पद्मा का नाम धारण करती हैं। यही आगे जाकर मेघना के नाम से पुकारी जाती है। ‘अव्यवस्थित’ में प्रत्यय है-
उपभोक्ता किसी उत्पाद का जितना अधिक उपभोग करते हैं, उतना ही अधिक असंतुष्ट होते हैं, इसे ––– कहा जाता है।
To hydrate 500 kg cement fully water needed is ...............
निर्देश:(91-97) अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा तदाधारितप्रश्नानां विकल्पात्मकोत्तरेषु उचिततमम् उत्तर चिनुत। एक पिपीलिका आसीत् । एकदा आहारार्थं भ्रमन्ती सा कमपि आम्रस्य पादपं समारोहत् । वृक्षस्य शाखासु धावन्ती सा अकस्माद् अस्खलत् , अपतञ्च अधस्ताद् भरिते जलाशये। तस्मिन्नेव वृक्षे कस्यचित् कपोतस्य कुलाय: अभवत्। स तत्र स्थित: जले निमज्जन्तीं पिपीलिकाम् अपश्यत। मृयमाणायां तस्यां पिपीलिकायां दयालु: स कपोत: शुष्कम् आम्रस्य दलमेकमपातयत् । तत् पत्रंं जले अतरत्। पिपीलिका च तस्मिन्नारूढा सती स्वजीवितम् अरक्षत्, आविरकरोञ्च कृतज्ञातम्। तत: तौ मित्रे अभवताम् । तत: दिनेषु गच्छत्सु एकदा स कपोत: वृक्षस्य शाखायाम् एकाकी अतिष्ठत्, पिपीलिका च वृक्षस्य मूले स्वरूप बिलस्य द्वारि कर्मपरा अभवत्। तदैव कश्चिद् व्याघ: आगत्य कपोतं हन्तुं धनुषि बाणसन्धानम् अकरोत्। पिपीलिका तमपश्यत् । सा धावन्ती व्याधस्य स्कन्धम् आरुह्य क्रोधेन तं तथा अदशत् यथा दंशपीडित: स व्याध: लक्ष्याद् अपाराध्यत् । धर्नुवक्र: शरश्च अन्यां दिशाम् अगच्छत् । तस्य शब्दं श्रुत्वा कपोतश्व उड्डीय वृक्षान्तरम् अयासीत् । एवं तौ विपदि परस्परं साहाय्यं कुर्वन्तौ चिरं सुखेन न्यवसताम् । जलाशये आम्रदलं क: अपातयत्?
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) के अन्तर्गत ग्राम स्तर के स्वास्थ्य कार्यकर्ता को कहते हैं
Explanations:
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