search
Q: एक इंजन की मेन गैलेरी के साथ एक रिलीफ वॉल्व को फिट किया जाता है। इस वॉल्व का कार्य होता है :
  • A. अधिकतम तेल प्रैशर को सीमा में रखना
  • B. जब तेल गर्म हो तो खुल जाना
  • C. यदि गैलेरी ब्लॉक हो जाए तो सप्लाई को बनाए रखना
  • D. जब प्रैशर कम हो जाए तब बियरिंग पर तेल के बहाव को रोकना
Correct Answer: Option A - एक इंजन की मेन गैलरी के साथ एक रिलीफ वाल्व को फिट किया जाता है इस वाल्व का कार्य अधिकतम तेल प्रैशर को सीमा में बनाए रखना होता है। ऑयल प्रैशर रिलीफ वाल्व एक स्प्रिंग लोडेड वाल्व होता है और ऑयल गैलरी में लगा रहता है। जब तेल का दबाव बढ़ता है तो यह वाल्व को अपनी सीट से स्प्रिंग की टैन्शन के विपरीत दबाता है और तेल की कुछ मात्रा सम्प में गिर जाती है। जिससे तेल का प्रेशर गिर जाता है। जब तेल का प्रैशर गिरता है तो वॉल्व के ऊपर से दबाव हट जाता है और वह स्प्रिंग की टैन्शन से अपनी शीट पर बैठ जाता है।
A. एक इंजन की मेन गैलरी के साथ एक रिलीफ वाल्व को फिट किया जाता है इस वाल्व का कार्य अधिकतम तेल प्रैशर को सीमा में बनाए रखना होता है। ऑयल प्रैशर रिलीफ वाल्व एक स्प्रिंग लोडेड वाल्व होता है और ऑयल गैलरी में लगा रहता है। जब तेल का दबाव बढ़ता है तो यह वाल्व को अपनी सीट से स्प्रिंग की टैन्शन के विपरीत दबाता है और तेल की कुछ मात्रा सम्प में गिर जाती है। जिससे तेल का प्रेशर गिर जाता है। जब तेल का प्रैशर गिरता है तो वॉल्व के ऊपर से दबाव हट जाता है और वह स्प्रिंग की टैन्शन से अपनी शीट पर बैठ जाता है।

Explanations:

एक इंजन की मेन गैलरी के साथ एक रिलीफ वाल्व को फिट किया जाता है इस वाल्व का कार्य अधिकतम तेल प्रैशर को सीमा में बनाए रखना होता है। ऑयल प्रैशर रिलीफ वाल्व एक स्प्रिंग लोडेड वाल्व होता है और ऑयल गैलरी में लगा रहता है। जब तेल का दबाव बढ़ता है तो यह वाल्व को अपनी सीट से स्प्रिंग की टैन्शन के विपरीत दबाता है और तेल की कुछ मात्रा सम्प में गिर जाती है। जिससे तेल का प्रेशर गिर जाता है। जब तेल का प्रैशर गिरता है तो वॉल्व के ऊपर से दबाव हट जाता है और वह स्प्रिंग की टैन्शन से अपनी शीट पर बैठ जाता है।