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Q: `फूलों की घाटी' अवस्थित है -
  • A. केरल
  • B. जम्मू व कश्मीर में
  • C. उत्तरांचल में
  • D. हिमाचल प्रदेश में
Correct Answer: Option C - उत्तरांचल राज्य (वर्तमान उत्तराखण्ड) के चमोली जिला मुख्यालय से लगभग 150 किमी. उत्तर में हेमकुण्ड साहिब तथा बद्रीनाथ के मध्य स्थित भ्यूंडार गांव की सीमा पर `फ़ूलों की घाटी’ प्रकृति की एक अनुपम धरोहर है। इस `फ़ूलों की घाटी’ को स्कन्द पुराण के केदार खंड में `नंदन कानन' कहा गया है। जबकि महाकवि कालिदास ने मेघदूत में इस घाटी को `अलकापुरी' नाम से संबोधित किया है। इसके अन्य नाम हैं─गंधमादन, बैकुण्ठ, भ्यूंडार, पुष्पावली, देवदार एवं पुष्परसा।
C. उत्तरांचल राज्य (वर्तमान उत्तराखण्ड) के चमोली जिला मुख्यालय से लगभग 150 किमी. उत्तर में हेमकुण्ड साहिब तथा बद्रीनाथ के मध्य स्थित भ्यूंडार गांव की सीमा पर `फ़ूलों की घाटी’ प्रकृति की एक अनुपम धरोहर है। इस `फ़ूलों की घाटी’ को स्कन्द पुराण के केदार खंड में `नंदन कानन' कहा गया है। जबकि महाकवि कालिदास ने मेघदूत में इस घाटी को `अलकापुरी' नाम से संबोधित किया है। इसके अन्य नाम हैं─गंधमादन, बैकुण्ठ, भ्यूंडार, पुष्पावली, देवदार एवं पुष्परसा।

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उत्तरांचल राज्य (वर्तमान उत्तराखण्ड) के चमोली जिला मुख्यालय से लगभग 150 किमी. उत्तर में हेमकुण्ड साहिब तथा बद्रीनाथ के मध्य स्थित भ्यूंडार गांव की सीमा पर `फ़ूलों की घाटी’ प्रकृति की एक अनुपम धरोहर है। इस `फ़ूलों की घाटी’ को स्कन्द पुराण के केदार खंड में `नंदन कानन' कहा गया है। जबकि महाकवि कालिदास ने मेघदूत में इस घाटी को `अलकापुरी' नाम से संबोधित किया है। इसके अन्य नाम हैं─गंधमादन, बैकुण्ठ, भ्यूंडार, पुष्पावली, देवदार एवं पुष्परसा।