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Q: फसल के लिए उपयुक्त बनाने के लिए किस प्रकार की मिट्टी का इलाज जिप्सम से किया जाता है?
  • A. क्षारीय
  • B. अम्लीय
  • C. जलाक्रान्त
  • D. अतिरिक्त मृदा के साथ मिट्टी
Correct Answer: Option A - क्षारीय मृदा की उत्पत्ति कम वर्षा वाले स्थानों पर होती है। इसका झ्प् मान 7 से अधिक होता है। क्षारीय मृदाएँ राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब एवं महाराष्ट्र राज्यों के शुष्क क्षेत्रों में पायी जाती हैं। इन अनुपजाऊ क्षेत्रों को रेह, कल्लर, ऊसर, रकार, धुर, कर्ल एवं चॉपेन आदि नामों से जाना जाता है। क्षारीय मृदा में जिप्सम का प्रयोग किया जाता है जिससे वह उपजाऊ हो जाती है।
A. क्षारीय मृदा की उत्पत्ति कम वर्षा वाले स्थानों पर होती है। इसका झ्प् मान 7 से अधिक होता है। क्षारीय मृदाएँ राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब एवं महाराष्ट्र राज्यों के शुष्क क्षेत्रों में पायी जाती हैं। इन अनुपजाऊ क्षेत्रों को रेह, कल्लर, ऊसर, रकार, धुर, कर्ल एवं चॉपेन आदि नामों से जाना जाता है। क्षारीय मृदा में जिप्सम का प्रयोग किया जाता है जिससे वह उपजाऊ हो जाती है।

Explanations:

क्षारीय मृदा की उत्पत्ति कम वर्षा वाले स्थानों पर होती है। इसका झ्प् मान 7 से अधिक होता है। क्षारीय मृदाएँ राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब एवं महाराष्ट्र राज्यों के शुष्क क्षेत्रों में पायी जाती हैं। इन अनुपजाऊ क्षेत्रों को रेह, कल्लर, ऊसर, रकार, धुर, कर्ल एवं चॉपेन आदि नामों से जाना जाता है। क्षारीय मृदा में जिप्सम का प्रयोग किया जाता है जिससे वह उपजाऊ हो जाती है।