In which of the following bitumen adhesion test, the stripping value of aggregates should not exceed 25 percent when aggregate coated with bitumen is immersed in water bath at 400C for 24 hours? निम्नलिखित मे से किस बिटुमन आसंजन परीक्षण में बिटुमन के साथ लेपित मिलावे को 24 घण्टे के लिए 40ºC पर पानी में डुबोये जाने पर मिलावे का स्ट्रिपिंग मान से 25% अधिक नही होना चाहिए?
दो संख्याओं का अनुपात 9:11 है। यदि इनमें से प्रत्येक संख्या में से 4 घटाया जाता है, तो इनका अनुपात 7:9 हो जाता है। इन दो संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए।
Article 39A of the Indian Constitution “Equal Justice and free legal aid” deals with? भारतीय संविधान का अनुच्छेद 39A ‘‘समान न्याय और निशुल्क कानूनी सहायता’’ किससे संबंधित है?
A hyetograph is a graph representing हाइटोग्राफ एक ग्राफ है जो दर्शाता है-
उस विकल्प का चयन करें, जिसका तीसरे पद से वही संबंध है, जो दूसरे पद का पहले पद से है। WAITER : 242923 :: JUMPER : ?
What is the finger-like, blind-ended tube connected to the caecum known as?
नीचे एक प्रश्न और दो कथन दिए गए हैं। उस कथन का चयन करें, जो प्रश्न का उत्तर देने के लिए आवश्यक/पर्याप्त हो। प्रश्न: X, Yसे लंबा है तथा Z, W से कद में छोटा है, किसका कद सबसे कम है। कथन: 1. Z, X से कद में छोटा है। 2. W, Y से कद में छोटा है।
केन्द्र सरकार ने ‘अटल भूजल योजना’ की समयावधि को बढ़ाया है
प्रदत्तप्रश्नानां (प्रश्न संख्या(233-242) विकल्पोत्तरेषु समुचितम् उत्तरं चित्वा लिखत। अस्ति वाराणस्यां कर्पूरपटको नाम रजक:। स च एकदा अभिनववयस्कया वध्वा सह चिरं केलिं कृत्वा निर्भरमालिङ्ग्य प्रसुप्त:। तदनन्तरं तद्गृहद्रव्याणि हर्तुं चोर: प्रविष्ट:। तस्य प्राङ्गणे गर्दभो बद्धस्तिष्ठति कुक्कुरश्च उपविष्ट: अस्ति। अथ गर्दभ: श्वानमाह- सखे, भवतस्तावदयं व्यापार:। तत् किमिति। त्वम् उच्चै: शब्दं कृत्वा स्वामिनं न जागरयसि? कुक्कुरो ब्रूते-भद्र मम नियोगस्य चर्चा त्वया न कर्तव्या। त्वमेव किम् न जानासि यथा तस्य अहर्निशं गृहरक्षां करोमि। यतोऽयं चिरान्निवृत्तो ममोपयोगं न जानाति। तेनाधुनापि मम आहारदाने मन्दादर:। यतो विना विधुरदर्शनं स्वामिन उपजीविषु मन्दादरा भवन्ति। गर्दभो ब्रूते शृणु रे बर्बर। याचते कार्यकाले य: स किम् भृत्य: स किम् सुह्रत्? कुक्कुरो ब्रूते – शृणु तावत्। भृत्यान्संभाषयेद्यस्तु कार्यकाले स किम् प्रभु: यत:- आश्रितानां भृतौ स्वामिसेवायां धर्मसेवने। पुत्रस्योत्पादने चैव न सन्ति प्रतिहस्तका:।। ततो गर्दभ: सकोपमाह – अरे दुष्टमते! पापीयांस्त्वं यद्विपत्तौ स्वामिकार्योपेक्षां करोषि। भवतु तावत्। यथा स्वामी जागरिष्यति तन्मया कर्तव्यम्। यत: पृष्ठत: सेवयेदर्कम् जठरेण हुताशनम्। स्वामिनं सर्वभावेन परलोकममायया।। इत्युक्त्वा उच्चै: चीत्कारशब्दं कृतवान्। तत: रजक: तेन चीत्कारेण प्रबुद्धो निद्राभङ्गकोपात् उत्थाय गर्दभं लगुडेन ताडयामास। अतोऽहं ब्रवीमि- पराधिकारचर्चां य: कुर्यात् स्वामिहितेच्छया। स विषीदति चीत्कारात् गर्दभ: ताडितो यथा।। ‘आदर:’ इत्यस्य विरुद्धशब्द:–
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Explanations:
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