अपभ्रंश के प्रथम कवि हैं
.
‘वैश्वीकरण’ के सन्दर्भ में कौन-सा सही है?
निर्देश : नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्र.सं. 310 से 315) में सबसे उचित विकल्प चुनिए। यह तो आप जानते हैं कि पृथ्वी प्रारम्भ में आग का गोला थी। मुझे ठीक-ठीक नहीं पता कि ऐसी आग में मुझ पानी का जन्म कैसे हुआ। लगता यह है कि हमारी पृथ्वी ज्यों-ज्यों ठंडी होती गई तो उसमें मौजूद गैसों में क्रियाएँ हुई। हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक क्रियाओं से मेरा जन्म हुआ है। इन दोनों ने अपना अस्तित्व मिटाकर मुझे बनाया। पहले मैं पृथ्वी के ऊपर भाप रूप में ही था। फिर जाने क्या हुआ कि मैं ठोस बर्फ बन गया। कल्पना करो चारों ओर बर्फ ही बर्फ। जब सूर्य की किरणें हम पर पड़ती तो चारों ओर सौन्दर्य बिखर पड़ता। लाखों वर्षों तक इस रूप में रहने के बाद मैं फिसलने लगा क्योंकि बर्फ के ही दबाव से निचली परत पिघलने लगी थी। फिसलकार हम पहुँचे सागर में। वहाँ की तो बात ही निराली थी। वहाँ अब तक हमसे पहले पहुँचे पानी में छोटे-छोटे जीव तैरने लगे थे। घोंघे, मछलिया और कछुवे भी। धीरे-धीरे सृष्टि का विस्तार हुआ। जल के बाद स्थल में जीव बनने लगे और आज आप उसी शृंखला के अंग हैं और अपने को मनुष्य कहते हैं। बर्फ क्यों फिसलने लगी थी?
The specific speed of a pump is defined as the speed of a unit of such a size that it discharges– एक पंप की विशिष्ट गति ऐसे आकार के इकाई के रूप में परिभाषित की जाती है कि इसका निस्सरण–
Which of the following rulers is credited with the construction of the Purana Qila in Delhi?
Wringing action is a combination of sliding and- ऐंठन क्रिया, स्लाइडिंग और ................. का संयोजन है।
दिए गए समीकरण को सही करने के लिए निम्नलिखित में से किन दो गणितीय चिन्हों को आपस में बदला जाना चाहिए? 98 – 49 ÷ 7 + 74 × 55 = 3
जनतन्त्राभिधाना शासनप्रणाली अस्माकं देशे प्रवर्त्तमानाऽस्ति। राजनयशास्त्रज्ञै: विद्वद्भि: राजतन्त्रं कुलीनतन्त्रं प्रजातन्त्रमिति शासनप्रणाल्यास्त्रयो भेदा: प्रतिपादिता:। राजतन्त्रम् राज्ञ: शासनम्, कुलीनतन्त्रम्-कुलीनानां विशिष्टजनानां शासनम्, जनतन्त्रम् जनानां शासनमिति तैराधुनिकें: व्याख्यातम्। जनतन्त्रे राज्ञ: स्थानं जना: गृहणन्ति। कर्त्तव्यबोध एव जनतन्त्रस्य मूलाधार:। यस्मिन् कस्मिन् वा कार्ये नियुक्ता: कर्त्तव्यसम्पादनसमुत्सुका: सततं राष्ट्रविकासे निरता: विहितसाध्यं साध्यन्तोऽश्रान्ता: श्रमशीला देशवासिनो नागरिका एव स्वराष्ट्रमुन्नेतुं क्षमन्ते इति जन्तन्त्रपद्धत्या: महद्वैशिष्ट्यम्। 5. राजतन्त्र में किसका शासन होता है?
Explanations:
Download our app to know more Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit. Excepturi, esse.
Unlocking possibilities: Login required for a world of personalized experiences.