Correct Answer:
Option C - कथाकार रणेन्द्र का उपन्यास ‘ग्लोबल गाँव के देवता’ वस्तुत: आदिवासियों-वनवासियों के जीवन का संतप्त सारांश है। इस उपन्यास में सर्वोच्च देवलोक `न्यूयार्क ' को कहा गया है। यह उपन्यास 2006 का है। ‘ग्लोबल गाँव के देवता’ के माध्यम से रणेन्द्र ने इस उपन्यास में आदिवासी समाज को देखने का नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।
C. कथाकार रणेन्द्र का उपन्यास ‘ग्लोबल गाँव के देवता’ वस्तुत: आदिवासियों-वनवासियों के जीवन का संतप्त सारांश है। इस उपन्यास में सर्वोच्च देवलोक `न्यूयार्क ' को कहा गया है। यह उपन्यास 2006 का है। ‘ग्लोबल गाँव के देवता’ के माध्यम से रणेन्द्र ने इस उपन्यास में आदिवासी समाज को देखने का नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।