Correct Answer:
Option A - गीता में मूल प्रवृत्ति के दो मुख्य प्रकार र्विणत हैं – 1. मूलप्रकृति, 2. प्रकृतिविकृति। यह प्रकृतिविकृति सात प्रकार की होती है। इस प्रकार प्रकृति कुल आठ प्रकार की कही जा सकती है।
A. गीता में मूल प्रवृत्ति के दो मुख्य प्रकार र्विणत हैं – 1. मूलप्रकृति, 2. प्रकृतिविकृति। यह प्रकृतिविकृति सात प्रकार की होती है। इस प्रकार प्रकृति कुल आठ प्रकार की कही जा सकती है।