Explanations:
गन्धक की कमी से पौधे की ऊपरी (नई पत्तियों) पत्तियों की शिराओं के बीच के भाग हल्के हरे-पीले रंग के हो जाते है। पौधे की वृद्धी धीमी हो जाती है तना सख्त तथा छोटा हो जाता है। इसकी कमी से केला, नारियल आदि में फूल व फल कम बनते है। आलू, सरसों आदि व चाय की पत्तियाँ प्यालेनुमा हो जाती है। इसकी कमी से दलहनोंं में ग्रन्थियाँ कम बनती हैं।