Correct Answer:
Option C - ग्राइंडिंग क्रिया होते समय यह आवश्यक है कि Blunt हुए व्हील के Abrasive कण व्हील से हटते रहें। जब Abrasive कण घिसने पर भी अपने स्थान पर चिपके रहें, तो ऐसी स्थिति को ग्लेजिंग कहते हैं। इससे व्हील पर चमक आ जाती है।
• ग्राइण्डिंग व्हील के Abrasive कणों के बीच के स्थान में ग्राइंड की जाने वाली धातु के कण भर जाने को लोडिंग कहते हैं।
• अपघर्षण पहिए में अपेक्षाकृत नर्म पहिए का उपयोग करके या पहिए की गति को कम करके ग्लेजिंग को कम किया जा सकता है।
C. ग्राइंडिंग क्रिया होते समय यह आवश्यक है कि Blunt हुए व्हील के Abrasive कण व्हील से हटते रहें। जब Abrasive कण घिसने पर भी अपने स्थान पर चिपके रहें, तो ऐसी स्थिति को ग्लेजिंग कहते हैं। इससे व्हील पर चमक आ जाती है।
• ग्राइण्डिंग व्हील के Abrasive कणों के बीच के स्थान में ग्राइंड की जाने वाली धातु के कण भर जाने को लोडिंग कहते हैं।
• अपघर्षण पहिए में अपेक्षाकृत नर्म पहिए का उपयोग करके या पहिए की गति को कम करके ग्लेजिंग को कम किया जा सकता है।