Correct Answer:
Option C - 600 ईसा पूर्व से 300 ईस्वी तक के काल को ‘यूनान का स्वर्णकाल’ कहा जाता है। हेरोडोट्स (484–425 BC) यूनान (ग्रीक) का निवासी था जिसे ‘इतिहास का पिता’ कहा जाता है इनका कथन है कि समस्त इतिहास का भौगोलिक दृष्टि से अध्ययन किया जाना चाहिए एवं समस्त भूगोल को इतिहास की तरह ही व्यवहार में लाना चाहिए। यह प्रथम विद्वान था जिसने विश्व मानचित्र पर याम्योत्तर खीचनें का प्रयास किया। इन्होंने कैस्पियन सागर को आन्तरिक सागर माना जबकि हिकैटियस तथा उसके समकालीन भूगोलवेत्ता इसे उत्तरी सागर की एक भुजा मानते थे। इन्होंने नील नदी के बाढ़ मैदान में जमा हुई काली मिट्टी एवं नदी निक्षेपण का स-कारण वर्णन किया तथा इन्होंने नील नदी के मुहाने को डेल्टा शब्द के रूप में बताया। डेल्टा शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग हेरोडोट्स ने किया।
C. 600 ईसा पूर्व से 300 ईस्वी तक के काल को ‘यूनान का स्वर्णकाल’ कहा जाता है। हेरोडोट्स (484–425 BC) यूनान (ग्रीक) का निवासी था जिसे ‘इतिहास का पिता’ कहा जाता है इनका कथन है कि समस्त इतिहास का भौगोलिक दृष्टि से अध्ययन किया जाना चाहिए एवं समस्त भूगोल को इतिहास की तरह ही व्यवहार में लाना चाहिए। यह प्रथम विद्वान था जिसने विश्व मानचित्र पर याम्योत्तर खीचनें का प्रयास किया। इन्होंने कैस्पियन सागर को आन्तरिक सागर माना जबकि हिकैटियस तथा उसके समकालीन भूगोलवेत्ता इसे उत्तरी सागर की एक भुजा मानते थे। इन्होंने नील नदी के बाढ़ मैदान में जमा हुई काली मिट्टी एवं नदी निक्षेपण का स-कारण वर्णन किया तथा इन्होंने नील नदी के मुहाने को डेल्टा शब्द के रूप में बताया। डेल्टा शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग हेरोडोट्स ने किया।