Correct Answer:
Option A - प्लेन ट्रस के परीक्षण में जोड़ विधि द्वारा अपनायी जाने वाली मान्यताएँ निम्न है–
(i) प्लेन ट्रस में वाह्य भार केवल जोड़ों पर आते है न कि सीधे सदस्यों पर।
(ii) ट्रस के प्रत्येक सदस्य सीधे होते है।
(iii) ट्रस के सदस्य केवल अपने सिरो पर एक-दूसरे से घर्षण रहित हिन्ज द्वारा जुड़े होते है।
(iv) सदस्यों के खुद के भार को नगण्य मान लेतें हैं।
प्लेन ट्रस के परीक्षण में जोड़ विधि द्वारा अपनायी जाने वाली मान्यताएँ निम्न है–
A. प्लेन ट्रस के परीक्षण में जोड़ विधि द्वारा अपनायी जाने वाली मान्यताएँ निम्न है–
(i) प्लेन ट्रस में वाह्य भार केवल जोड़ों पर आते है न कि सीधे सदस्यों पर।
(ii) ट्रस के प्रत्येक सदस्य सीधे होते है।
(iii) ट्रस के सदस्य केवल अपने सिरो पर एक-दूसरे से घर्षण रहित हिन्ज द्वारा जुड़े होते है।
(iv) सदस्यों के खुद के भार को नगण्य मान लेतें हैं।
प्लेन ट्रस के परीक्षण में जोड़ विधि द्वारा अपनायी जाने वाली मान्यताएँ निम्न है–