Correct Answer:
Option B - यदि कुल सार्वजनिक व्यय में से उधार एवं अन्य देयताओं को छोड़कर कुल सार्वजनिक आय को घटा दिया जाये तो राजकोषीय घाटा प्राप्त होता है। राजकोषीय घाटा = कुल व्यय – कुल आय (उधार एवं अन्य देयतायें छोड़कर) या, राजकोषीय घाटा = बजटीय घाटा + उधार एवं अन्य देयतायें नोट– 1. वर्ष 1985 में सुखमय चक्रवर्ती कमेटी ने राजकोषीय घाटे की अवधारणा को प्रस्तुत किया।
B. यदि कुल सार्वजनिक व्यय में से उधार एवं अन्य देयताओं को छोड़कर कुल सार्वजनिक आय को घटा दिया जाये तो राजकोषीय घाटा प्राप्त होता है। राजकोषीय घाटा = कुल व्यय – कुल आय (उधार एवं अन्य देयतायें छोड़कर) या, राजकोषीय घाटा = बजटीय घाटा + उधार एवं अन्य देयतायें नोट– 1. वर्ष 1985 में सुखमय चक्रवर्ती कमेटी ने राजकोषीय घाटे की अवधारणा को प्रस्तुत किया।