Explanations:
सभी इंजेक्टर काफी दिनों तक बिना किसी खराबी के कार्य करते रहते हैं, परन्तु अधिक समय बाद उसमें दबाव कम हो जाता है। उनसे डीजल टपकने लगता है तथा उनकी फुहार बिगड़ जाता है। अत: इंजेक्टर को ठीक करने के लिए तीन प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं– (1) इंजेक्टर प्रेशर टेस्ट (2) इंजेक्टर स्प्रे टेस्ट (3) इंजेक्टर लीक टेस्ट