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Q: In 1812 A.D., East India Company bought up a land in :?/1812 ई. में ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने भूमि खरीदी थी :
  • A. Mussoorie/मसूरी में
  • B. Bageshwar/बागेश्वर में
  • C. Nainital/नैनीताल में
  • D. Chamoli/चमोली में
Correct Answer: Option A - 1812 ई. में ईस्ट इंडिया कम्पनी ने मसूरी में भूमि खरीदी थी। उत्तराखण्ड में ईस्ट इंडिया कंपनी के घुसपैठ के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थें- 1. इसाई धर्म का प्रचार 2. कम्पनी तथा इंग्लैंड की औद्योगिक जरूरतों हेतु कच्ची सामग्री तथा बाजार ढूँढना 3. नेपाल युद्ध के बाद सैन्य जातियों की खोज 4. हिमालय में छोटा इंग्लैंड बनाने का स्वप्न 5. गोरखों के प्रति कुमाऊँ, गढ़वाल तथा हिमालय में मौजूद असंतोष और गोरखों द्वारा बार-बार कम्पनी क्षेत्र में घुसपैठ 6. उत्तराखण्ड की वन सम्पदा जिसमें कम्पनी को पर्याप्त लाभ प्राप्त होने की संभावना थी। वर्ष 1815 में गोरखाओं को पराजित करने के बाद कम्पनी ने सुगौली की संधि से कुमाऊँ तथा गढ़वाल को ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा शासित क्षेत्र के अन्तर्गत ले लिया गया और एक पृथक प्रशासनिक इकाई के रूप में कुमाऊँ कमिश्नरी का गठन हुआ।
A. 1812 ई. में ईस्ट इंडिया कम्पनी ने मसूरी में भूमि खरीदी थी। उत्तराखण्ड में ईस्ट इंडिया कंपनी के घुसपैठ के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थें- 1. इसाई धर्म का प्रचार 2. कम्पनी तथा इंग्लैंड की औद्योगिक जरूरतों हेतु कच्ची सामग्री तथा बाजार ढूँढना 3. नेपाल युद्ध के बाद सैन्य जातियों की खोज 4. हिमालय में छोटा इंग्लैंड बनाने का स्वप्न 5. गोरखों के प्रति कुमाऊँ, गढ़वाल तथा हिमालय में मौजूद असंतोष और गोरखों द्वारा बार-बार कम्पनी क्षेत्र में घुसपैठ 6. उत्तराखण्ड की वन सम्पदा जिसमें कम्पनी को पर्याप्त लाभ प्राप्त होने की संभावना थी। वर्ष 1815 में गोरखाओं को पराजित करने के बाद कम्पनी ने सुगौली की संधि से कुमाऊँ तथा गढ़वाल को ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा शासित क्षेत्र के अन्तर्गत ले लिया गया और एक पृथक प्रशासनिक इकाई के रूप में कुमाऊँ कमिश्नरी का गठन हुआ।

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1812 ई. में ईस्ट इंडिया कम्पनी ने मसूरी में भूमि खरीदी थी। उत्तराखण्ड में ईस्ट इंडिया कंपनी के घुसपैठ के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थें- 1. इसाई धर्म का प्रचार 2. कम्पनी तथा इंग्लैंड की औद्योगिक जरूरतों हेतु कच्ची सामग्री तथा बाजार ढूँढना 3. नेपाल युद्ध के बाद सैन्य जातियों की खोज 4. हिमालय में छोटा इंग्लैंड बनाने का स्वप्न 5. गोरखों के प्रति कुमाऊँ, गढ़वाल तथा हिमालय में मौजूद असंतोष और गोरखों द्वारा बार-बार कम्पनी क्षेत्र में घुसपैठ 6. उत्तराखण्ड की वन सम्पदा जिसमें कम्पनी को पर्याप्त लाभ प्राप्त होने की संभावना थी। वर्ष 1815 में गोरखाओं को पराजित करने के बाद कम्पनी ने सुगौली की संधि से कुमाऊँ तथा गढ़वाल को ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा शासित क्षेत्र के अन्तर्गत ले लिया गया और एक पृथक प्रशासनिक इकाई के रूप में कुमाऊँ कमिश्नरी का गठन हुआ।