Correct Answer:
Option C - टेलोफेज (Telophase)- इस अवस्था में संतति गुणसूत्र विपरीत दिशा में खिसकते-खिसकते अपनी ओर के तारककाय के निकट पहुँच जाते हैं। अब प्रत्येक कोशिका ध्रुव (Pole) में मौजूद संतति गुणसूत्रों में प्रोफेज के ठीक विपरीत प्रतिक्रियाएँ होती हैं। इसके फलस्वरूप गुणसूत्रों में जलीयकरण (Hydration) शुरू हो जाता है जिससे गुणसूत्र धीरे-धीरे पतले व लम्बे हो जाते हैं और वे स्पष्ट दिखाई नहीं पड़ते हैं। केन्द्रिका पुन: प्रकट हो जाती है। इसके साथ-साथ गुणसूत्रों के चारों ओर केन्द्रक झिल्ली का निर्माण फिर से हो जाता है। इस प्रकार एक मातृ केन्द्रक से दो संतति केन्द्रक बन जाते हैं।
C. टेलोफेज (Telophase)- इस अवस्था में संतति गुणसूत्र विपरीत दिशा में खिसकते-खिसकते अपनी ओर के तारककाय के निकट पहुँच जाते हैं। अब प्रत्येक कोशिका ध्रुव (Pole) में मौजूद संतति गुणसूत्रों में प्रोफेज के ठीक विपरीत प्रतिक्रियाएँ होती हैं। इसके फलस्वरूप गुणसूत्रों में जलीयकरण (Hydration) शुरू हो जाता है जिससे गुणसूत्र धीरे-धीरे पतले व लम्बे हो जाते हैं और वे स्पष्ट दिखाई नहीं पड़ते हैं। केन्द्रिका पुन: प्रकट हो जाती है। इसके साथ-साथ गुणसूत्रों के चारों ओर केन्द्रक झिल्ली का निर्माण फिर से हो जाता है। इस प्रकार एक मातृ केन्द्रक से दो संतति केन्द्रक बन जाते हैं।