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Q: In the context of infant auditory-visual co-ordination, which of the following statements is correct? शिशु के श्रवण-दृश्य समन्वय के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है ? I. When the child hears a sound, the eyes will reorient as if the visual object is being traced to its source. I. जब बच्चा किसी ध्वनि को सुनता है, तो आंखे इस तरह फिर से उन्मुख होेंगी जैसे कि दृश्य वस्तु को उसके स्त्रोत पर खोजा जा रहा हो। II. Butterworth and Castillo found in their study that the newborn looked at the source of the sound. II. बटरवर्थ और कैस्टिलो ने अपने अध्ययन में पाया कि नवजात ध्वनि के स्त्रोत को देखता था।
  • A. Only I/केवल I
  • B. Neither I nor II/ना ही I ना ही II
  • C. Both I and II/I तथा II दोनों
  • D. Only II/केवल II
Correct Answer: Option A - शिशु के दृश्य-श्रवण समन्वय के संदर्भ में केवल कथन (I) सही है। शैशवावस्था में शिशुओं की मानसिक योग्यताओं का विकास अत्यन्त तीव्र गति से होता है। यह जन्म के प्रथम सप्ताह से शुरु होते हुए पाँच वर्ष तक चलता है। शिशु दो महीने पूरा करने पर ध्वनियों के प्रति प्रतिक्रिया करने लगता है वह ध्वनि सुनकर अपने सिर तक को घुमाने लगता है। अपनी माँ को भी भली प्रकार से पहचानने लगता है। इसमें बच्चा किसी ध्वनि को सुनता है, तो आँखे उस तरफ फिर उन्मुख होंगी जैसे कि दृश्य वस्तु को उसके स्रोत पर खोजा जा रहा है।
A. शिशु के दृश्य-श्रवण समन्वय के संदर्भ में केवल कथन (I) सही है। शैशवावस्था में शिशुओं की मानसिक योग्यताओं का विकास अत्यन्त तीव्र गति से होता है। यह जन्म के प्रथम सप्ताह से शुरु होते हुए पाँच वर्ष तक चलता है। शिशु दो महीने पूरा करने पर ध्वनियों के प्रति प्रतिक्रिया करने लगता है वह ध्वनि सुनकर अपने सिर तक को घुमाने लगता है। अपनी माँ को भी भली प्रकार से पहचानने लगता है। इसमें बच्चा किसी ध्वनि को सुनता है, तो आँखे उस तरफ फिर उन्मुख होंगी जैसे कि दृश्य वस्तु को उसके स्रोत पर खोजा जा रहा है।

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शिशु के दृश्य-श्रवण समन्वय के संदर्भ में केवल कथन (I) सही है। शैशवावस्था में शिशुओं की मानसिक योग्यताओं का विकास अत्यन्त तीव्र गति से होता है। यह जन्म के प्रथम सप्ताह से शुरु होते हुए पाँच वर्ष तक चलता है। शिशु दो महीने पूरा करने पर ध्वनियों के प्रति प्रतिक्रिया करने लगता है वह ध्वनि सुनकर अपने सिर तक को घुमाने लगता है। अपनी माँ को भी भली प्रकार से पहचानने लगता है। इसमें बच्चा किसी ध्वनि को सुनता है, तो आँखे उस तरफ फिर उन्मुख होंगी जैसे कि दृश्य वस्तु को उसके स्रोत पर खोजा जा रहा है।