Correct Answer:
Option A - शिशु के दृश्य-श्रवण समन्वय के संदर्भ में केवल कथन (I) सही है। शैशवावस्था में शिशुओं की मानसिक योग्यताओं का विकास अत्यन्त तीव्र गति से होता है। यह जन्म के प्रथम सप्ताह से शुरु होते हुए पाँच वर्ष तक चलता है। शिशु दो महीने पूरा करने पर ध्वनियों के प्रति प्रतिक्रिया करने लगता है वह ध्वनि सुनकर अपने सिर तक को घुमाने लगता है। अपनी माँ को भी भली प्रकार से पहचानने लगता है। इसमें बच्चा किसी ध्वनि को सुनता है, तो आँखे उस तरफ फिर उन्मुख होंगी जैसे कि दृश्य वस्तु को उसके स्रोत पर खोजा जा रहा है।
A. शिशु के दृश्य-श्रवण समन्वय के संदर्भ में केवल कथन (I) सही है। शैशवावस्था में शिशुओं की मानसिक योग्यताओं का विकास अत्यन्त तीव्र गति से होता है। यह जन्म के प्रथम सप्ताह से शुरु होते हुए पाँच वर्ष तक चलता है। शिशु दो महीने पूरा करने पर ध्वनियों के प्रति प्रतिक्रिया करने लगता है वह ध्वनि सुनकर अपने सिर तक को घुमाने लगता है। अपनी माँ को भी भली प्रकार से पहचानने लगता है। इसमें बच्चा किसी ध्वनि को सुनता है, तो आँखे उस तरफ फिर उन्मुख होंगी जैसे कि दृश्य वस्तु को उसके स्रोत पर खोजा जा रहा है।