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Q: In the context of Nutrition, which of the following pair is correctly matched ? पोषण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है? I. Malnutrition - It results from an inherited tendency, aggravated by too little exercise and too much, or the wrong kind of food. I. कुपोषण- यह एक वंशानुगत प्रवृत्ति का परिणाम है, बहुत कम व्यायाम और बहुत अधिक, या गलत प्रकार के भोजन से बढ़ जाता है। II. Obesity - Under nourished children live in poverty and suffer other kinds of environmental deprivation. II कुपोषित बच्चे गरीबी में रहते हैं और अन्य प्रकार के पर्यावरणीय अभावों का शिकार होते है।
  • A. Neither I nor II/ना ही I ना ही II
  • B. Only II/केवल II
  • C. Only I/केवल I
  • D. Both I and II/I तथा II दोनों
Correct Answer: Option A - पोषण के संदर्भ में उपयुक्त दोनों मिलान एक-दूसरे से सुमेलित नहीं है। समस्त प्रकार के जीवधारी विभिन्न प्रकार के कार्य करते हैं, और उन कार्यों को करने के लिए उन्हें ऊर्जा और शक्ति की आवश्यकता होती है। इसलिए वह अपने वाह्य वातावरण से विभिन्न प्रकार के भोज्य पदार्थो को खाते हैं, और उनसे ऊर्जा प्राप्त करते हैं, जिससे वे विभिन्न प्रकार के कार्यों को कर सके। इस क्रिया विधि को ही पोषण कहा जाता है। साधारण शब्दों में कह सकते हैं, कि पोषण एक प्रकार की वह जैव रासायनिक क्रिया है जिसके अन्तर्गत समस्त प्रकार के जीव जन्तु अपने वाह्य वातावरण से भोज्य पदार्थ को इकट्ठा करके ग्रहण करते हैं। इनसे मुक्त होने वाली ऊर्जा से अपने शरीर का विकास और कार्य करते हैं, वह विधि पोषण कहलाती है। कुपोषण की स्थिति में व्यक्ति का शरीर कमजोर एवं रोग ग्रस्त होता है। कुपोषण की स्थिति में व्यक्ति के आहार में यदि पोषक तत्वों की कमी हो अथवा पोषक तत्व आवश्यकता से अधिक मात्रा में उपस्थित हों तो वे शरीर में कुपोषण की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं। कुपोषण की स्थिति में व्यक्ति को असंतुलित मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त होते है। मोटापा सभी बच्चों में एक जैसे नहीं होते हैं, उसी तरह उनके शरीर का विकास अलग-अलग तरह से होता है। अगर बच्चों के वजन की बात करें, तो कोई सटीक वजन बताना बहुत कठिन है। मोटापा सभी के लिए एक चिंता का विषय है। हालांकि शरीर की लम्बाई और उम्र के आधार पर वजन सामान्य से अधिक है तो मोटापा कहा जा सकता है। बहुत से ऐसे माता-पिता है जिनको समझ नहीं आता है, कि बच्चे को क्या खाने को दें जो स्वास्थ्य के लिए सही है। इसके अलावा कुछ ऐसे भी माँ-बाप हैं जिनकी परिवारिक स्थिति इस योग्य नहीं होती है कि वे अपने बच्चे को ताजे फल या सब्जियाँ का सेवन करवा सके।
A. पोषण के संदर्भ में उपयुक्त दोनों मिलान एक-दूसरे से सुमेलित नहीं है। समस्त प्रकार के जीवधारी विभिन्न प्रकार के कार्य करते हैं, और उन कार्यों को करने के लिए उन्हें ऊर्जा और शक्ति की आवश्यकता होती है। इसलिए वह अपने वाह्य वातावरण से विभिन्न प्रकार के भोज्य पदार्थो को खाते हैं, और उनसे ऊर्जा प्राप्त करते हैं, जिससे वे विभिन्न प्रकार के कार्यों को कर सके। इस क्रिया विधि को ही पोषण कहा जाता है। साधारण शब्दों में कह सकते हैं, कि पोषण एक प्रकार की वह जैव रासायनिक क्रिया है जिसके अन्तर्गत समस्त प्रकार के जीव जन्तु अपने वाह्य वातावरण से भोज्य पदार्थ को इकट्ठा करके ग्रहण करते हैं। इनसे मुक्त होने वाली ऊर्जा से अपने शरीर का विकास और कार्य करते हैं, वह विधि पोषण कहलाती है। कुपोषण की स्थिति में व्यक्ति का शरीर कमजोर एवं रोग ग्रस्त होता है। कुपोषण की स्थिति में व्यक्ति के आहार में यदि पोषक तत्वों की कमी हो अथवा पोषक तत्व आवश्यकता से अधिक मात्रा में उपस्थित हों तो वे शरीर में कुपोषण की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं। कुपोषण की स्थिति में व्यक्ति को असंतुलित मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त होते है। मोटापा सभी बच्चों में एक जैसे नहीं होते हैं, उसी तरह उनके शरीर का विकास अलग-अलग तरह से होता है। अगर बच्चों के वजन की बात करें, तो कोई सटीक वजन बताना बहुत कठिन है। मोटापा सभी के लिए एक चिंता का विषय है। हालांकि शरीर की लम्बाई और उम्र के आधार पर वजन सामान्य से अधिक है तो मोटापा कहा जा सकता है। बहुत से ऐसे माता-पिता है जिनको समझ नहीं आता है, कि बच्चे को क्या खाने को दें जो स्वास्थ्य के लिए सही है। इसके अलावा कुछ ऐसे भी माँ-बाप हैं जिनकी परिवारिक स्थिति इस योग्य नहीं होती है कि वे अपने बच्चे को ताजे फल या सब्जियाँ का सेवन करवा सके।

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पोषण के संदर्भ में उपयुक्त दोनों मिलान एक-दूसरे से सुमेलित नहीं है। समस्त प्रकार के जीवधारी विभिन्न प्रकार के कार्य करते हैं, और उन कार्यों को करने के लिए उन्हें ऊर्जा और शक्ति की आवश्यकता होती है। इसलिए वह अपने वाह्य वातावरण से विभिन्न प्रकार के भोज्य पदार्थो को खाते हैं, और उनसे ऊर्जा प्राप्त करते हैं, जिससे वे विभिन्न प्रकार के कार्यों को कर सके। इस क्रिया विधि को ही पोषण कहा जाता है। साधारण शब्दों में कह सकते हैं, कि पोषण एक प्रकार की वह जैव रासायनिक क्रिया है जिसके अन्तर्गत समस्त प्रकार के जीव जन्तु अपने वाह्य वातावरण से भोज्य पदार्थ को इकट्ठा करके ग्रहण करते हैं। इनसे मुक्त होने वाली ऊर्जा से अपने शरीर का विकास और कार्य करते हैं, वह विधि पोषण कहलाती है। कुपोषण की स्थिति में व्यक्ति का शरीर कमजोर एवं रोग ग्रस्त होता है। कुपोषण की स्थिति में व्यक्ति के आहार में यदि पोषक तत्वों की कमी हो अथवा पोषक तत्व आवश्यकता से अधिक मात्रा में उपस्थित हों तो वे शरीर में कुपोषण की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं। कुपोषण की स्थिति में व्यक्ति को असंतुलित मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त होते है। मोटापा सभी बच्चों में एक जैसे नहीं होते हैं, उसी तरह उनके शरीर का विकास अलग-अलग तरह से होता है। अगर बच्चों के वजन की बात करें, तो कोई सटीक वजन बताना बहुत कठिन है। मोटापा सभी के लिए एक चिंता का विषय है। हालांकि शरीर की लम्बाई और उम्र के आधार पर वजन सामान्य से अधिक है तो मोटापा कहा जा सकता है। बहुत से ऐसे माता-पिता है जिनको समझ नहीं आता है, कि बच्चे को क्या खाने को दें जो स्वास्थ्य के लिए सही है। इसके अलावा कुछ ऐसे भी माँ-बाप हैं जिनकी परिवारिक स्थिति इस योग्य नहीं होती है कि वे अपने बच्चे को ताजे फल या सब्जियाँ का सेवन करवा सके।