Explanations:
पियाजे के प्रीऑपरेशनल थॉट के सन्दर्भ में प्रत्यात्मक काल लगभग 2 वर्ष से 4 वर्ष तक चलता है। इस अवस्था में बालक संकेत तथा चिन्ह को मस्तिष्क में ग्रहण करते हैं तथा निर्जीव वस्तुओं को सजीव समझते हैं। बालक विभिन्न घटनाओं और कार्यों के सम्बन्ध में क्यों और कैसे जानने में रूचि रखने लगता है। अत: संकेतों तथा भाषा का विकास इस अवस्था में तेजी से होने लगता है। इस प्रकार प्रतीकात्मक कार्य है– (1) प्रतीकों या मानसिक अभ्यावेदन का उपयोग करने की क्षमता। (2) प्रतीक बच्चों को शारीरिक रूप से उपस्थित हुए बिना उन्हें याद रखने और उनके बारे में सोचने में मदद करते है।