Correct Answer:
Option B - सायनाइडिंग प्रक्रिया में मृदु इस्पात, कार्बन और नाइट्रोजन को अवशोषित करके कठोर सतह प्राप्त करता है। इस प्रक्रिया में इस्पात को सायनाइड साल्ट के वातावरण में 850⁰C से 950⁰C तापमान तक गर्म किया जाता है। सोडियम सायनाइड के विघटन के पश्चात क्वैंचिंग के उपरांत इच्छित संयोजन की कठोरता प्राप्त होती है।
B. सायनाइडिंग प्रक्रिया में मृदु इस्पात, कार्बन और नाइट्रोजन को अवशोषित करके कठोर सतह प्राप्त करता है। इस प्रक्रिया में इस्पात को सायनाइड साल्ट के वातावरण में 850⁰C से 950⁰C तापमान तक गर्म किया जाता है। सोडियम सायनाइड के विघटन के पश्चात क्वैंचिंग के उपरांत इच्छित संयोजन की कठोरता प्राप्त होती है।