Correct Answer:
Option B - ‘अग्रदास’ ‘ज्ञानाश्रयी शाखा’ के कवि नहीं हैं बल्कि रामभक्ति शाखा के कवि हैं। अग्रदास की रचनाएँ हैं- हितोपदेश उपखाणा बावनी, ध्यानमंजरी, रामध्यानमंजरी, कुंडलिया, अष्टयाम या रामाष्टयाम। अग्रदास के शिष्य नाभादास हैं।
B. ‘अग्रदास’ ‘ज्ञानाश्रयी शाखा’ के कवि नहीं हैं बल्कि रामभक्ति शाखा के कवि हैं। अग्रदास की रचनाएँ हैं- हितोपदेश उपखाणा बावनी, ध्यानमंजरी, रामध्यानमंजरी, कुंडलिया, अष्टयाम या रामाष्टयाम। अग्रदास के शिष्य नाभादास हैं।