Explanations:
कवि ‘हरिदास’ अष्टछाप में सम्मिलित नहीं हैं। ‘अष्टछाप’ आठ भक्तिकालीन कवियों का एक समूह था इसकी स्थापना महाप्रभू श्री वल्लभाचार्य जी के पुत्र श्री विठ्लनाथ जी ने किया था। अष्टछाप के कवि कृष्ण भक्ति काव्यधारा के कवि थे। अष्टछाप में सम्मिलित आठ कवियों के नाम इस प्रकार है– (i) कुम्भनदास (ii) सूरदास (iii) परमानंददास (iv) कृष्णदास (v) नंददास (vi) चतुर्भुजदास (vii) छीतस्वामी (viii) गोविंदस्वामी