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Q: इनमें से किस साहित्येतिहास ग्रंथ को किशोरीलाल गुप्त ने ‘हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास’ नाम से अनुवाद करके प्रकाशित कराया?
  • A. ‘इस्त्वार द ला लियेरात्यूर ऐंदुई-ऐ- ऐंदुस्तानी’ को
  • B. ‘ए स्केच ऑफ हिन्दी लिटरेचर’ को
  • C. ‘ए हिन्ट्री ऑफ हिन्दी लिटरेचर’ को
  • D. ‘द माडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ नार्दर्न हिन्दुस्तान’ को
Correct Answer: Option D - ‘द माडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ नार्दर्न हिन्दुस्तान’ (लेखक- ग्रियर्सन) को ‘किशोरीलाल गुप्त’ ने ‘हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास’ नाम से अनुवाद करके प्रकाशित कराया। ‘इस्त्वार द ला लितरेत्युर ऐंदुई-ऐंदुस्तानी’ को लक्ष्मी सागर वार्ष्णेय ने ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ नाम से हिन्दी अनुवाद किया।
D. ‘द माडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ नार्दर्न हिन्दुस्तान’ (लेखक- ग्रियर्सन) को ‘किशोरीलाल गुप्त’ ने ‘हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास’ नाम से अनुवाद करके प्रकाशित कराया। ‘इस्त्वार द ला लितरेत्युर ऐंदुई-ऐंदुस्तानी’ को लक्ष्मी सागर वार्ष्णेय ने ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ नाम से हिन्दी अनुवाद किया।

Explanations:

‘द माडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ नार्दर्न हिन्दुस्तान’ (लेखक- ग्रियर्सन) को ‘किशोरीलाल गुप्त’ ने ‘हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास’ नाम से अनुवाद करके प्रकाशित कराया। ‘इस्त्वार द ला लितरेत्युर ऐंदुई-ऐंदुस्तानी’ को लक्ष्मी सागर वार्ष्णेय ने ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ नाम से हिन्दी अनुवाद किया।