Explanations:
‘द माडर्न वर्नाक्युलर लिटरेचर ऑफ नार्दर्न हिन्दुस्तान’ (लेखक- ग्रियर्सन) को ‘किशोरीलाल गुप्त’ ने ‘हिन्दी साहित्य का प्रथम इतिहास’ नाम से अनुवाद करके प्रकाशित कराया। ‘इस्त्वार द ला लितरेत्युर ऐंदुई-ऐंदुस्तानी’ को लक्ष्मी सागर वार्ष्णेय ने ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ नाम से हिन्दी अनुवाद किया।