Correct Answer:
Option B - बत्तख के अंडों का ऊष्मायन काल 28 दिनों का होता है। इस अवधि के दौरान, अंडों को उचित तापमान और नमी की आवश्यकता होती है, ताकि भ्रूण का सही विकास हो सके। ऊष्मायन के इस समय में, अंडे से चूजे निकलने तक के लिए सावधानीपूर्वक देखभाल की जाती है, जिससे स्वस्थ बत्तख के चूजे प्राप्त हो सके।
B. बत्तख के अंडों का ऊष्मायन काल 28 दिनों का होता है। इस अवधि के दौरान, अंडों को उचित तापमान और नमी की आवश्यकता होती है, ताकि भ्रूण का सही विकास हो सके। ऊष्मायन के इस समय में, अंडे से चूजे निकलने तक के लिए सावधानीपूर्वक देखभाल की जाती है, जिससे स्वस्थ बत्तख के चूजे प्राप्त हो सके।