Correct Answer:
Option A - मुद्रास्फीति निर्धारित आय अर्जक की वास्तविक क्रय शक्ति में कमी में परिणत होती है।
मुद्रा स्फीति वह स्थिति है, जिसमें कीमत स्तर में वृद्धि होती है, तथा मुद्रा का मूल्य गिरता है। इसमें देनदार को हानि होती है, एवं लेनदार, यानी ऋणी को लाभ होता है।
A. मुद्रास्फीति निर्धारित आय अर्जक की वास्तविक क्रय शक्ति में कमी में परिणत होती है।
मुद्रा स्फीति वह स्थिति है, जिसमें कीमत स्तर में वृद्धि होती है, तथा मुद्रा का मूल्य गिरता है। इसमें देनदार को हानि होती है, एवं लेनदार, यानी ऋणी को लाभ होता है।