Correct Answer:
Option C - स्थानीय आकर्षण (Local attraction)–चुम्बकीय सुई को अपनी स्वच्छन्द एवं मुक्त अवस्था में सदा चुम्बकीय याम्योत्तर में बना रहना चाहिए, परन्तु कुछ क्षेत्रों में कभी-कभी यह बाहरी आकर्षण बलों के कारण, चुम्बकीय याम्योत्तर से थोड़ा इधर-उधर भटक जाती है। सुई के इस प्रकार भटकने को स्थानीय आकर्षण कहते हैं।
स्थानीय आकर्षण के कुछ कारण निम्न हैं–
चुम्बकीय चट्टानों के पिण्ड, लौह अयस्क, इस्पात का भवन, रेल की पटरी, बिजली का तार, जमीन पर बिछे लोहे के पाइप, लोहे के खम्भे, लोहे का पेन आदि।
C. स्थानीय आकर्षण (Local attraction)–चुम्बकीय सुई को अपनी स्वच्छन्द एवं मुक्त अवस्था में सदा चुम्बकीय याम्योत्तर में बना रहना चाहिए, परन्तु कुछ क्षेत्रों में कभी-कभी यह बाहरी आकर्षण बलों के कारण, चुम्बकीय याम्योत्तर से थोड़ा इधर-उधर भटक जाती है। सुई के इस प्रकार भटकने को स्थानीय आकर्षण कहते हैं।
स्थानीय आकर्षण के कुछ कारण निम्न हैं–
चुम्बकीय चट्टानों के पिण्ड, लौह अयस्क, इस्पात का भवन, रेल की पटरी, बिजली का तार, जमीन पर बिछे लोहे के पाइप, लोहे के खम्भे, लोहे का पेन आदि।