Correct Answer:
Option A - बद्ध-सूचिका विधि (Fast Needle Method)- इस विधि में प्रत्येक स्टेशन पर चुम्बकीय याम्योत्तर की दिशा लगाने की आवश्यकता नहीं है, केवल प्रथम स्टेशन पर चुम्बकीय याम्योत्तर को ज्ञात करके, इसके सन्दर्भ में अन्य सभी रेखाओं की दिशा मापी जाती है। अत: इस विधि को बद्ध-सूचिका विधि (Fast Needle method) कहते हैं। थियोडोलाइट चंक्रमण में दिक्मान ज्ञात करने में यह विधि प्रयोग की जाती है।
यह विधि अबद्ध-सूचिका विधि (Loose Needle method) से अधिक परिशुद्ध है।
A. बद्ध-सूचिका विधि (Fast Needle Method)- इस विधि में प्रत्येक स्टेशन पर चुम्बकीय याम्योत्तर की दिशा लगाने की आवश्यकता नहीं है, केवल प्रथम स्टेशन पर चुम्बकीय याम्योत्तर को ज्ञात करके, इसके सन्दर्भ में अन्य सभी रेखाओं की दिशा मापी जाती है। अत: इस विधि को बद्ध-सूचिका विधि (Fast Needle method) कहते हैं। थियोडोलाइट चंक्रमण में दिक्मान ज्ञात करने में यह विधि प्रयोग की जाती है।
यह विधि अबद्ध-सूचिका विधि (Loose Needle method) से अधिक परिशुद्ध है।