Explanations:
तन्यता–यह पदार्थ का वह गुण है जिसकें कारण धातु की पतली तारें बनायीं जाती हैं। तथा तारें बनाते समय टूटती नहीं है। उदाहरण–मृदु इस्पात, सोना आदि। आघातवर्द्धता–इस गुण के कारण पदार्थ को बिना टूटे हथौड़े की चोट पर पतली चादरों में परिवर्तित किया जा सकता है। तापक्रम बढ़ाने से आघातवर्द्धता में वृद्धि होती है। शीशा सबसे ज्यादा आघातवर्द्ध होता है। चिमड़ापन–धातु का वह गुण जो अनेक प्रकार के चोट सहन करने की क्षमता रखें व तोड़ने मड़ोरने पर वह टूटे नही या आसानी से न टूटे।