Correct Answer:
Option A - पीटर बर्जर और थॉमस लकमैन जैसे समाजशास्त्रियों ने 1966 में ‘द सोशल कंस्ट्रक्शन ऑफ रियलिटी’ नामक पुस्तक में लिखते है कि आदतन कोई भी क्रिया जो बार-बार दोहराई जाती है, एक पैटर्न में बदल जाती है, जो भविष्य में उसी तरीके से और उसी आर्थिक प्रयास के साथ किया जा सकता है।
A. पीटर बर्जर और थॉमस लकमैन जैसे समाजशास्त्रियों ने 1966 में ‘द सोशल कंस्ट्रक्शन ऑफ रियलिटी’ नामक पुस्तक में लिखते है कि आदतन कोई भी क्रिया जो बार-बार दोहराई जाती है, एक पैटर्न में बदल जाती है, जो भविष्य में उसी तरीके से और उसी आर्थिक प्रयास के साथ किया जा सकता है।