Correct Answer:
Option B - जयशंकर प्रसाद ने छायावाद की परिभाषा दी है, ‘‘जब वेदना के आधार पर स्वानुभूतिमयी अभिव्यक्ति होने लगी तब हिन्दी में उसे छायावाद नाम से अभिहित किया गया।’’
छायावाद युग के चार स्तंम्भ जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, सुमित्रानन्दन पंत और महादेवी वर्मा जी थे।
B. जयशंकर प्रसाद ने छायावाद की परिभाषा दी है, ‘‘जब वेदना के आधार पर स्वानुभूतिमयी अभिव्यक्ति होने लगी तब हिन्दी में उसे छायावाद नाम से अभिहित किया गया।’’
छायावाद युग के चार स्तंम्भ जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, सुमित्रानन्दन पंत और महादेवी वर्मा जी थे।