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Q: ‘‘जगत: पितरौ वन्दे’’ इत्यत्र किं छन्द:?
  • A. उपेन्द्रवङ्का
  • B. उपजाति
  • C. अनुष्टुप्
  • D. उपर्युक्तेषु एकस्मादधिक:
  • E. उपर्युक्तेषु किञ्चन् अपि नास्ति
Correct Answer: Option C - ‘‘जगत: पितरौ वन्दे’’ इत्यत्र अनुष्टुप् छन्द: अस्ति। जगत: पितरौ वन्दे इस पद में अनुष्टुप् छन्द है। इस छन्द के प्रत्येक चरण में 8 अक्षर होते है चारों चरणों में 32 अक्षर होते है। श्लोके षष्ठं गुरुंज्ञेयं सर्वत्र लघु पञ्चमम्। द्विश्तुष्पादर्यो हस्वं सप्तमं दीर्घमन्ययो:।।
C. ‘‘जगत: पितरौ वन्दे’’ इत्यत्र अनुष्टुप् छन्द: अस्ति। जगत: पितरौ वन्दे इस पद में अनुष्टुप् छन्द है। इस छन्द के प्रत्येक चरण में 8 अक्षर होते है चारों चरणों में 32 अक्षर होते है। श्लोके षष्ठं गुरुंज्ञेयं सर्वत्र लघु पञ्चमम्। द्विश्तुष्पादर्यो हस्वं सप्तमं दीर्घमन्ययो:।।

Explanations:

‘‘जगत: पितरौ वन्दे’’ इत्यत्र अनुष्टुप् छन्द: अस्ति। जगत: पितरौ वन्दे इस पद में अनुष्टुप् छन्द है। इस छन्द के प्रत्येक चरण में 8 अक्षर होते है चारों चरणों में 32 अक्षर होते है। श्लोके षष्ठं गुरुंज्ञेयं सर्वत्र लघु पञ्चमम्। द्विश्तुष्पादर्यो हस्वं सप्तमं दीर्घमन्ययो:।।