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Q: कोहलबर्ग के अनुसार किस अवस्था में नैतिकता बाह्य कारकों द्वारा निर्धारित होती है?
  • A. पूर्व पारम्परिक अवस्था
  • B. पारम्परिक अवस्था
  • C. पश्चात् पारम्परिक अवस्था
  • D. उपरोक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - लारेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में तीन प्रमुख अवस्थाएं होती हैं। 1. पूर्व परम्परागत स्तर (प्राकरुढि़गत स्तर) 2. परम्परागत स्तर (रुढि़गत नैतिक स्तर) 3. उत्तर रुढि़गत स्तर परम्परागत अवस्था में बालक में नैतिकता बाह्य कारकों के द्वारा निर्धारित होती है।
B. लारेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में तीन प्रमुख अवस्थाएं होती हैं। 1. पूर्व परम्परागत स्तर (प्राकरुढि़गत स्तर) 2. परम्परागत स्तर (रुढि़गत नैतिक स्तर) 3. उत्तर रुढि़गत स्तर परम्परागत अवस्था में बालक में नैतिकता बाह्य कारकों के द्वारा निर्धारित होती है।

Explanations:

लारेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में तीन प्रमुख अवस्थाएं होती हैं। 1. पूर्व परम्परागत स्तर (प्राकरुढि़गत स्तर) 2. परम्परागत स्तर (रुढि़गत नैतिक स्तर) 3. उत्तर रुढि़गत स्तर परम्परागत अवस्था में बालक में नैतिकता बाह्य कारकों के द्वारा निर्धारित होती है।