Explanations:
तत्परता में कार्य करने की शक्ति निहित रहती है तथा साथ में तत्परता से सक्रियता भी बढ़ जाती है। तत्परता के नियम को तैयारी का नियम भी कहते हैं इस नियम के तहत निम्न कार्य करने चाहिए- 1. शिक्षकों को बालकों की अभिरुचि एवं अभिक्षमता का मापन कर लेना चाहिए। जिससे उनकी तत्परता का ज्ञान हो सके। (ज्ञात से अज्ञात की ओर) 2. बालकों को तत्परता के अनुरूप शैक्षणिक व्यवस्था होनी चाहिए 3. पूर्व पाठ से कुछ 3 प्रश्न पूछ कर नवीन पाठ आरम्भ करनी चाहिए (पाठ प्रस्तावना) भाटिया के अनुसार – ‘‘तत्परता या किसी कार्य के लिए तैयार होना, युद्ध को आधा विजय कर लेना है।’’