Correct Answer:
Option B - ‘कुपात्र की सहायता करना व्यर्थ है’ इस उक्ति को चरितार्थ करने वाली कहावत ‘ ‘‘कुत्ते को खिलाई खीर, पाप में न पुण्य में’’ होता है।
अन्धे को न्यौता, दो जने आए (किसी विशेष काम के करने के कारण विपत्ति का आना)
बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद (मूर्ख गुणों का महत्व नहीं समझता)
B. ‘कुपात्र की सहायता करना व्यर्थ है’ इस उक्ति को चरितार्थ करने वाली कहावत ‘ ‘‘कुत्ते को खिलाई खीर, पाप में न पुण्य में’’ होता है।
अन्धे को न्यौता, दो जने आए (किसी विशेष काम के करने के कारण विपत्ति का आना)
बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद (मूर्ख गुणों का महत्व नहीं समझता)