Correct Answer:
Option C - किरातार्जुनीयम् भारवि का महाकाव्य है। काव्यमीमांसा और कर्पूरमंजरी राजेशखर की रचना है। जबकि शिशुपालवध माघ की तथा रत्नावली, नागानंद, प्रियदर्शिका और नैषधीयचरितम् आदि श्री हर्ष की रचनाएँ हैं।
C. किरातार्जुनीयम् भारवि का महाकाव्य है। काव्यमीमांसा और कर्पूरमंजरी राजेशखर की रचना है। जबकि शिशुपालवध माघ की तथा रत्नावली, नागानंद, प्रियदर्शिका और नैषधीयचरितम् आदि श्री हर्ष की रचनाएँ हैं।