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Q: कोरियोलिस प्रभाव जहाँ उत्तरी गोलार्द्ध में बल पानी को बाधित करता है और उसे दायीं ओर प्रवाहित करता है, को समझने के लिए विद्यार्थियों को निम्न में से किससे परिचित होना चाहिए।
  • A. पृथ्वी के घूर्णन व अक्ष।
  • B. परिक्रमण एवं आतपन।
  • C. हिमनद व ध्रुवीय जलवायु।
  • D. तुंगता (ऊँचाई) व समुद्रतल।
Correct Answer: Option A - कोरियोलिस प्रभाव जहाँ उत्तरी गोलार्द्ध में बल पानी को बाधित करता है और उसे दायीं ओर प्रवाहित करता है, को समझने के लिए विद्यार्थियों को पृथ्वी के घूर्णन व अक्ष से परिचित होना चाहिए। कोरियोलिस बल एक आभासी बल है। यह पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होता है। पृथ्वी की घूर्णन गति भिन्न-भिन्न होती है क्योंकि पृथ्वी के विभिन्न अक्षांशों में परिधि का आकार तथा केन्द्र से दूरी के कारण होती है। कोरियोलिस बल के कारण उत्तरी गोलार्द्ध में गति की दिशा के बाईं ओर बल लगता है। मौसम संबंधी गतिविधियों में कोरियोलिस बल के प्रभाव को देखा जा सकता है।
A. कोरियोलिस प्रभाव जहाँ उत्तरी गोलार्द्ध में बल पानी को बाधित करता है और उसे दायीं ओर प्रवाहित करता है, को समझने के लिए विद्यार्थियों को पृथ्वी के घूर्णन व अक्ष से परिचित होना चाहिए। कोरियोलिस बल एक आभासी बल है। यह पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होता है। पृथ्वी की घूर्णन गति भिन्न-भिन्न होती है क्योंकि पृथ्वी के विभिन्न अक्षांशों में परिधि का आकार तथा केन्द्र से दूरी के कारण होती है। कोरियोलिस बल के कारण उत्तरी गोलार्द्ध में गति की दिशा के बाईं ओर बल लगता है। मौसम संबंधी गतिविधियों में कोरियोलिस बल के प्रभाव को देखा जा सकता है।

Explanations:

कोरियोलिस प्रभाव जहाँ उत्तरी गोलार्द्ध में बल पानी को बाधित करता है और उसे दायीं ओर प्रवाहित करता है, को समझने के लिए विद्यार्थियों को पृथ्वी के घूर्णन व अक्ष से परिचित होना चाहिए। कोरियोलिस बल एक आभासी बल है। यह पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न होता है। पृथ्वी की घूर्णन गति भिन्न-भिन्न होती है क्योंकि पृथ्वी के विभिन्न अक्षांशों में परिधि का आकार तथा केन्द्र से दूरी के कारण होती है। कोरियोलिस बल के कारण उत्तरी गोलार्द्ध में गति की दिशा के बाईं ओर बल लगता है। मौसम संबंधी गतिविधियों में कोरियोलिस बल के प्रभाव को देखा जा सकता है।