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Q: किसी ऐसे व्यक्ति, जिसके पास नौकरी नहीं है और स्पष्ट रूप से बेरोजगार के विपरीत अल्परो़जारी, जो छिपा हुआ हो, को कहा जाता है?
  • A. अस्थिर रो़जगार
  • B. छिपा हुआ रोजगार
  • C. प्रच्छन बेरोजगारी
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - किसी ऐसे व्यक्ति, जिसके पास नौकरी नहीं है और स्पष्ट रूप से बेरोजगार के विपरीत अल्परोजगारी, जो छिपा हुआ हो, उसे प्रच्छन्न बेरोजगारी कहते हैं। भारत में यह कृषि क्षेत्र में पायी जाती है। मान लीजिए किसी एक किसान के पास चार एकड़ भूखंड है और उसे अपने खेतों में विभिन्न प्रकार की क्रियाओं को निष्पादित करने में दो सदस्य की आवश्यकता है, किन्तु यदि वह अपने परिवार के पाँच सदस्यों (पत्नी, बच्चों आदि) को कृषि-कार्य में लगा ले तो यह स्थिति प्रच्छन्न बेरोजगारी मानी जाती है, क्योंकि परिवार के तीन अन्य सदस्यों की सीमांत उपयोगिता शून्य है।
C. किसी ऐसे व्यक्ति, जिसके पास नौकरी नहीं है और स्पष्ट रूप से बेरोजगार के विपरीत अल्परोजगारी, जो छिपा हुआ हो, उसे प्रच्छन्न बेरोजगारी कहते हैं। भारत में यह कृषि क्षेत्र में पायी जाती है। मान लीजिए किसी एक किसान के पास चार एकड़ भूखंड है और उसे अपने खेतों में विभिन्न प्रकार की क्रियाओं को निष्पादित करने में दो सदस्य की आवश्यकता है, किन्तु यदि वह अपने परिवार के पाँच सदस्यों (पत्नी, बच्चों आदि) को कृषि-कार्य में लगा ले तो यह स्थिति प्रच्छन्न बेरोजगारी मानी जाती है, क्योंकि परिवार के तीन अन्य सदस्यों की सीमांत उपयोगिता शून्य है।

Explanations:

किसी ऐसे व्यक्ति, जिसके पास नौकरी नहीं है और स्पष्ट रूप से बेरोजगार के विपरीत अल्परोजगारी, जो छिपा हुआ हो, उसे प्रच्छन्न बेरोजगारी कहते हैं। भारत में यह कृषि क्षेत्र में पायी जाती है। मान लीजिए किसी एक किसान के पास चार एकड़ भूखंड है और उसे अपने खेतों में विभिन्न प्रकार की क्रियाओं को निष्पादित करने में दो सदस्य की आवश्यकता है, किन्तु यदि वह अपने परिवार के पाँच सदस्यों (पत्नी, बच्चों आदि) को कृषि-कार्य में लगा ले तो यह स्थिति प्रच्छन्न बेरोजगारी मानी जाती है, क्योंकि परिवार के तीन अन्य सदस्यों की सीमांत उपयोगिता शून्य है।