search
Q: किस घटना से यह सिद्धांत निष्प्रभावी हो गया कि ‘पूर्ति अपनी माँग स्वयं पैदा कर लेती है’?
  • A. 1929 की विश्व आर्थिक महामंदी
  • B. शीतयुुद्धकालीन आर्थिक मंदी
  • C. 1980 में ईरान की आर्थिक मंदी
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - जे.बी. से का कथन ‘पूर्ति अपनी माँग स्वयं पैदा करती है’, 1929 के विश्वव्यापी आर्थिक मंदी के दौरान यह सिद्धांत निष्प्रभावी हो गया था। अमेरिका में आई विश्व व्यापी मंदी के कारण कीमतों में कमी आ गई और अमेरिकी बैंकों ने कर्ज देने से मना कर दिया था। आर्थिक मंदी के कारण जर्मनी, ब्रिटेन आदि देशों की अर्थव्यवस्था धराशायी हो गई। 1933 तक 4000 से अधिक बैंक बंद हो चुके थे और 1929 से 1932 के मध्य लगभग 110,000 कंपनियाँ नष्ट हो गई।
A. जे.बी. से का कथन ‘पूर्ति अपनी माँग स्वयं पैदा करती है’, 1929 के विश्वव्यापी आर्थिक मंदी के दौरान यह सिद्धांत निष्प्रभावी हो गया था। अमेरिका में आई विश्व व्यापी मंदी के कारण कीमतों में कमी आ गई और अमेरिकी बैंकों ने कर्ज देने से मना कर दिया था। आर्थिक मंदी के कारण जर्मनी, ब्रिटेन आदि देशों की अर्थव्यवस्था धराशायी हो गई। 1933 तक 4000 से अधिक बैंक बंद हो चुके थे और 1929 से 1932 के मध्य लगभग 110,000 कंपनियाँ नष्ट हो गई।

Explanations:

जे.बी. से का कथन ‘पूर्ति अपनी माँग स्वयं पैदा करती है’, 1929 के विश्वव्यापी आर्थिक मंदी के दौरान यह सिद्धांत निष्प्रभावी हो गया था। अमेरिका में आई विश्व व्यापी मंदी के कारण कीमतों में कमी आ गई और अमेरिकी बैंकों ने कर्ज देने से मना कर दिया था। आर्थिक मंदी के कारण जर्मनी, ब्रिटेन आदि देशों की अर्थव्यवस्था धराशायी हो गई। 1933 तक 4000 से अधिक बैंक बंद हो चुके थे और 1929 से 1932 के मध्य लगभग 110,000 कंपनियाँ नष्ट हो गई।