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Q: ‘‘कविता में कहने की आदत नहीं, पर कह दूँ वर्तमान समाज चल नहीं सकता पूँजी से जुड़ा हुआ हृदय बदल नहीं सकता।’’ -ये पंक्तियाँ इनमें से किस कवि की हैं?
  • A. नागार्जुन
  • B. मुक्तिबोध
  • C. त्रिलोचन शास्त्री
  • D. सुदामा प्रसाद पाण्डेय ‘धूमिल’
Correct Answer: Option D - व्याख्या : उपर्युक्त पंक्ति प्रयोगवादी कवि ‘मुक्तिबोध’ की है। इनके द्वारा रचित एक अन्य पंक्ति है- ‘अब अभिव्यक्ति के सारे खतरे, उठाने ही होंगे। तोड़ने होंगे मठ और गढ़ सभी।’
D. व्याख्या : उपर्युक्त पंक्ति प्रयोगवादी कवि ‘मुक्तिबोध’ की है। इनके द्वारा रचित एक अन्य पंक्ति है- ‘अब अभिव्यक्ति के सारे खतरे, उठाने ही होंगे। तोड़ने होंगे मठ और गढ़ सभी।’

Explanations:

व्याख्या : उपर्युक्त पंक्ति प्रयोगवादी कवि ‘मुक्तिबोध’ की है। इनके द्वारा रचित एक अन्य पंक्ति है- ‘अब अभिव्यक्ति के सारे खतरे, उठाने ही होंगे। तोड़ने होंगे मठ और गढ़ सभी।’