Correct Answer:
Option D - व्याख्या : उपर्युक्त पंक्ति प्रयोगवादी कवि ‘मुक्तिबोध’ की है। इनके द्वारा रचित एक अन्य पंक्ति है-
‘अब अभिव्यक्ति के सारे खतरे, उठाने ही होंगे।
तोड़ने होंगे मठ और गढ़ सभी।’
D. व्याख्या : उपर्युक्त पंक्ति प्रयोगवादी कवि ‘मुक्तिबोध’ की है। इनके द्वारा रचित एक अन्य पंक्ति है-
‘अब अभिव्यक्ति के सारे खतरे, उठाने ही होंगे।
तोड़ने होंगे मठ और गढ़ सभी।’