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Q: कवित्त रत्नाकर’ किस भाषा में रचित है?
  • A. ब्रजभाषा
  • B. अवधी भाषा
  • C. खड़ी बोली
  • D. राजस्थानी भाषा
Correct Answer: Option A - कवित्त रत्नाकर’ सेनापति द्वारा ‘ब्रजभाषा’ में रचित है। इसमें पांच तरंग और 394 छंद में रामकथा का वर्णन है। सेनापति का जन्म सन् 1589 ई. के आस-पास माना जाता है। इनके गुरू का नाम हीरामणि दीक्षित था। इनके द्वारा रचित एक अन्य ग्रंथ ‘काव्य कल्पद्रुम’ है जो एक रीति ग्रंथ माना जाता है। सेनापति ब्रजभाषा के कवि हैं और उनका प्रिय अलंकार श्लेष है।
A. कवित्त रत्नाकर’ सेनापति द्वारा ‘ब्रजभाषा’ में रचित है। इसमें पांच तरंग और 394 छंद में रामकथा का वर्णन है। सेनापति का जन्म सन् 1589 ई. के आस-पास माना जाता है। इनके गुरू का नाम हीरामणि दीक्षित था। इनके द्वारा रचित एक अन्य ग्रंथ ‘काव्य कल्पद्रुम’ है जो एक रीति ग्रंथ माना जाता है। सेनापति ब्रजभाषा के कवि हैं और उनका प्रिय अलंकार श्लेष है।

Explanations:

कवित्त रत्नाकर’ सेनापति द्वारा ‘ब्रजभाषा’ में रचित है। इसमें पांच तरंग और 394 छंद में रामकथा का वर्णन है। सेनापति का जन्म सन् 1589 ई. के आस-पास माना जाता है। इनके गुरू का नाम हीरामणि दीक्षित था। इनके द्वारा रचित एक अन्य ग्रंथ ‘काव्य कल्पद्रुम’ है जो एक रीति ग्रंथ माना जाता है। सेनापति ब्रजभाषा के कवि हैं और उनका प्रिय अलंकार श्लेष है।