Correct Answer:
Option C - ‘कवितावली’ ब्रजभाषा में रचित गोस्वामी तुलसीदास की रचना है। यह मुक्तक काव्य, कवित्त तथा छप्पय छंदो में 7 काण्डों की रचना है। कवितावली में बनारस (काशी) के तत्कालीन समय में फैले महामारी का तथा कलिकाल का वर्णन किया है। तुलसीदास द्वारा रचित अन्य रचनाएँ - बैराग्य संदीपनी, रामाज्ञा प्रश्नावली, रामलला नहछू, जानकी मंगल, रामचरितमानस, पार्वती मंगल, कृष्ण गीतावली, गीतावली, विनयपत्रिका, दोहावली, बरवै रामायण आदि है। जबकि सूरसागर, सूरसारावली तथा साहित्य लहरी सूरदास जी के काव्य ग्रंथ है।
पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा, मसलानामा तथा कन्हावत आदि सूफी काव्यधारा के प्रमुख कवि जायसी के काव्यग्रंथ हैं। सुजान सार, इश्कलता, विरहलीला, वियोगबेलि, कोकसार, कृपाकंद, रस केलिवल्ली तथा यमुनायश आदि घनानन्द की रचनाएँ हैं।
C. ‘कवितावली’ ब्रजभाषा में रचित गोस्वामी तुलसीदास की रचना है। यह मुक्तक काव्य, कवित्त तथा छप्पय छंदो में 7 काण्डों की रचना है। कवितावली में बनारस (काशी) के तत्कालीन समय में फैले महामारी का तथा कलिकाल का वर्णन किया है। तुलसीदास द्वारा रचित अन्य रचनाएँ - बैराग्य संदीपनी, रामाज्ञा प्रश्नावली, रामलला नहछू, जानकी मंगल, रामचरितमानस, पार्वती मंगल, कृष्ण गीतावली, गीतावली, विनयपत्रिका, दोहावली, बरवै रामायण आदि है। जबकि सूरसागर, सूरसारावली तथा साहित्य लहरी सूरदास जी के काव्य ग्रंथ है।
पद्मावत, अखरावट, आखिरी कलाम, चित्ररेखा, कहरानामा, मसलानामा तथा कन्हावत आदि सूफी काव्यधारा के प्रमुख कवि जायसी के काव्यग्रंथ हैं। सुजान सार, इश्कलता, विरहलीला, वियोगबेलि, कोकसार, कृपाकंद, रस केलिवल्ली तथा यमुनायश आदि घनानन्द की रचनाएँ हैं।