Correct Answer:
Option C - कुटीर ज्योति योजना भारत सरकार द्वारा वर्ष 1988–89 में प्रारंभ की गयी थी, जिसका उद्देश्य गरीबी रेखा से निचले स्तर के ग्रामीण परिवारों को बिजली प्रदान करना है। बाद में इस योजना का नाम प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना रखा गया। कालान्तर में राजग सरकार ने इसे त्वरित ग्रामीण विद्युतीकरण योजना नाम से री-लॉन्च किया। साथ ही प्रत्येक गाँव में 10% घरों तक बिजली पहुँचने पर ही उस गाँव को बिजली से जुड़ा मानने की परिभाषा तय की गयी। बाद में यूपीए सरकार ने इसका नाम राजीव गाँधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना रख दिया। वर्तमान (एनडीए) सरकार ने अप्रैल 2015 में इसका नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना रखकर इसे री-लॉन्च किया।
C. कुटीर ज्योति योजना भारत सरकार द्वारा वर्ष 1988–89 में प्रारंभ की गयी थी, जिसका उद्देश्य गरीबी रेखा से निचले स्तर के ग्रामीण परिवारों को बिजली प्रदान करना है। बाद में इस योजना का नाम प्रधानमंत्री ग्रामोदय योजना रखा गया। कालान्तर में राजग सरकार ने इसे त्वरित ग्रामीण विद्युतीकरण योजना नाम से री-लॉन्च किया। साथ ही प्रत्येक गाँव में 10% घरों तक बिजली पहुँचने पर ही उस गाँव को बिजली से जुड़ा मानने की परिभाषा तय की गयी। बाद में यूपीए सरकार ने इसका नाम राजीव गाँधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना रख दिया। वर्तमान (एनडीए) सरकार ने अप्रैल 2015 में इसका नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना रखकर इसे री-लॉन्च किया।