Correct Answer:
Option B - स्थानीय आकर्षण (Local attraction)– चुम्बकीय सुई को अपनी स्वच्छंद एवं मुक्त अवस्था में सदा चुम्बकीय याम्योत्तर में बना रहना चाहिए। परन्तु कुछ क्षेत्रों में कभी-कभी यह बाहरी आकर्षण बलों के कारण, चुम्बकीय याम्योत्तर से थोड़ा इधर-उधर भटक जाती है। अर्थात् सत्य उत्तर दिशा नहीं दर्शाता है। सुई के इस प्रकार भटकने को स्थानीय आकर्षण कहते है। इससे प्रभावित स्टेशन पर पश्च व अग्र दिक्मानों में त्रुटि आ जाती है।
अत: स्थानीय आकर्षण के कारण कम्पास से मापा गया दिक्मान या दिक्कोण प्रभावित होता है। कम्पास सर्वेक्षण में स्थानीय आकर्षण के कारण कोणीय माप प्रभावित होते है।
B. स्थानीय आकर्षण (Local attraction)– चुम्बकीय सुई को अपनी स्वच्छंद एवं मुक्त अवस्था में सदा चुम्बकीय याम्योत्तर में बना रहना चाहिए। परन्तु कुछ क्षेत्रों में कभी-कभी यह बाहरी आकर्षण बलों के कारण, चुम्बकीय याम्योत्तर से थोड़ा इधर-उधर भटक जाती है। अर्थात् सत्य उत्तर दिशा नहीं दर्शाता है। सुई के इस प्रकार भटकने को स्थानीय आकर्षण कहते है। इससे प्रभावित स्टेशन पर पश्च व अग्र दिक्मानों में त्रुटि आ जाती है।
अत: स्थानीय आकर्षण के कारण कम्पास से मापा गया दिक्मान या दिक्कोण प्रभावित होता है। कम्पास सर्वेक्षण में स्थानीय आकर्षण के कारण कोणीय माप प्रभावित होते है।