Correct Answer:
Option C - कोहलबर्ग द्वारा बताये गये नैतिक विकास के स्तरों में प्रथम स्तर पूर्व-परम्परागत स्तर है। इस स्तर पर नैतिक विकास सामाजिक व सांस्कृतिक नियमों जैसे– अच्छा या बुरा, सही या गलत आदि की व्याख्या मिलने वाले दण्ड, पुरस्कार अथवा नियमों का समर्थन करने वाले व्यक्तियों की शारीरिक सामर्थ्य अथवा होने वाले स्थूल परिणामों से आँकी जाती है।
C. कोहलबर्ग द्वारा बताये गये नैतिक विकास के स्तरों में प्रथम स्तर पूर्व-परम्परागत स्तर है। इस स्तर पर नैतिक विकास सामाजिक व सांस्कृतिक नियमों जैसे– अच्छा या बुरा, सही या गलत आदि की व्याख्या मिलने वाले दण्ड, पुरस्कार अथवा नियमों का समर्थन करने वाले व्यक्तियों की शारीरिक सामर्थ्य अथवा होने वाले स्थूल परिणामों से आँकी जाती है।