Explanations:
लावाणक ग्राम की घटना ‘स्वप्नवासवदत्तम्’ में वर्णित है। स्वप्नवासवदत्तम् की रचना भास ने की है। यह 6 अंक का नाटक है। इसका उपजीव्य इतिहास प्रसिद्ध है। इसमें शृंगार रस की प्रधानता है। नान्दी की योजना का अभाव है। इसी ग्रन्थ में लावाणक ग्राम का वर्णन आया है।