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Q: ‘मोहिनी ने चिडि़याघर में पक्षी देखे।’ रेखांकित शब्द में कौन सा कारक है?
  • A. कर्ता कारक
  • B. कर्म कारक
  • C. करण कारक
  • D. संप्रदान कारक
Correct Answer: Option B - दिये गये वाक्य ‘मोहिनी ने चिडि़याघर में पक्षी देखे’ के रेखांकित शब्द में ‘कर्म कारक’ है। कर्मकारक:- वाक्य में क्रिया का फल जिस शब्द पर पड़ता है, उसे कर्म कारक कहते हैं। इसकी विभक्ति ‘को’ है। यह चिह्न बहुत से स्थानों पर नहीं लगता। बुलाना, सुलाना, कोसना आदि क्रियाओं के प्रयोग में अगर कर्म संज्ञा हो,तो ‘को’ विभक्ति जरूर लगती है। जैसे– सोहन ने साँप को मारा। लड़की ने पत्र लिखा। पहले वाक्य में ‘मारने’ की क्रिया का फल ‘साँप’ पर पड़ा है। अत: साँप कर्म कारक है, इसके साथ परसर्ग ‘को’ लगा हैं। दूसरे वाक्य में ‘लिखने की क्रिया का फल ‘पत्र’ पर पड़ा। अत: ‘पत्र’ कर्म कारक है। इसमें कर्म का विभक्ति चिह्न ‘को’ नहीं लगा।
B. दिये गये वाक्य ‘मोहिनी ने चिडि़याघर में पक्षी देखे’ के रेखांकित शब्द में ‘कर्म कारक’ है। कर्मकारक:- वाक्य में क्रिया का फल जिस शब्द पर पड़ता है, उसे कर्म कारक कहते हैं। इसकी विभक्ति ‘को’ है। यह चिह्न बहुत से स्थानों पर नहीं लगता। बुलाना, सुलाना, कोसना आदि क्रियाओं के प्रयोग में अगर कर्म संज्ञा हो,तो ‘को’ विभक्ति जरूर लगती है। जैसे– सोहन ने साँप को मारा। लड़की ने पत्र लिखा। पहले वाक्य में ‘मारने’ की क्रिया का फल ‘साँप’ पर पड़ा है। अत: साँप कर्म कारक है, इसके साथ परसर्ग ‘को’ लगा हैं। दूसरे वाक्य में ‘लिखने की क्रिया का फल ‘पत्र’ पर पड़ा। अत: ‘पत्र’ कर्म कारक है। इसमें कर्म का विभक्ति चिह्न ‘को’ नहीं लगा।

Explanations:

दिये गये वाक्य ‘मोहिनी ने चिडि़याघर में पक्षी देखे’ के रेखांकित शब्द में ‘कर्म कारक’ है। कर्मकारक:- वाक्य में क्रिया का फल जिस शब्द पर पड़ता है, उसे कर्म कारक कहते हैं। इसकी विभक्ति ‘को’ है। यह चिह्न बहुत से स्थानों पर नहीं लगता। बुलाना, सुलाना, कोसना आदि क्रियाओं के प्रयोग में अगर कर्म संज्ञा हो,तो ‘को’ विभक्ति जरूर लगती है। जैसे– सोहन ने साँप को मारा। लड़की ने पत्र लिखा। पहले वाक्य में ‘मारने’ की क्रिया का फल ‘साँप’ पर पड़ा है। अत: साँप कर्म कारक है, इसके साथ परसर्ग ‘को’ लगा हैं। दूसरे वाक्य में ‘लिखने की क्रिया का फल ‘पत्र’ पर पड़ा। अत: ‘पत्र’ कर्म कारक है। इसमें कर्म का विभक्ति चिह्न ‘को’ नहीं लगा।