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Q: माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर। कर का मनका डारि दे, मन का मनका फेर। इस दोहे में कौन-सा अलंकार है?
  • A. रूपक
  • B. अनुप्रास
  • C. उपमा
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option E - माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर। कर का मनका डारि दे, मन का मनका फेर। इस दोहे में यमक अलंकार है। जहाँ एक ही शब्द एक से अधिक बार प्रयोग किया जाये, लेकिन उस शब्द का अर्थ हर बार अलग-अलग हो, वहाँ यमक अलंकार होता है। उपर्युक्त दोहे में मनका (मोती की माला) तथा मनका (मन का मोती-हृदय) को एक ही शब्द से दर्शाया गया है परन्तु अर्थ भिन्न-भिन्न हैं।
E. माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर। कर का मनका डारि दे, मन का मनका फेर। इस दोहे में यमक अलंकार है। जहाँ एक ही शब्द एक से अधिक बार प्रयोग किया जाये, लेकिन उस शब्द का अर्थ हर बार अलग-अलग हो, वहाँ यमक अलंकार होता है। उपर्युक्त दोहे में मनका (मोती की माला) तथा मनका (मन का मोती-हृदय) को एक ही शब्द से दर्शाया गया है परन्तु अर्थ भिन्न-भिन्न हैं।

Explanations:

माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर। कर का मनका डारि दे, मन का मनका फेर। इस दोहे में यमक अलंकार है। जहाँ एक ही शब्द एक से अधिक बार प्रयोग किया जाये, लेकिन उस शब्द का अर्थ हर बार अलग-अलग हो, वहाँ यमक अलंकार होता है। उपर्युक्त दोहे में मनका (मोती की माला) तथा मनका (मन का मोती-हृदय) को एक ही शब्द से दर्शाया गया है परन्तु अर्थ भिन्न-भिन्न हैं।